23 सितंबर को कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी, रौनीजा गांव में हुई किसानों की बैठक
रविवार शाम रौनीजा गांव में भारतीय किसान यूनियन (कृषक शक्ति) की एक अहम बैठक हुई, जिसमें 23 सितंबर को प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव को लेकर रणनीति बनाई गई। संगठन ने किसानों से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। पदाधिकारियों ने साफ किया कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संपर्क किया जाएगा।
10% आबादी प्लॉट और समान मुआवजे की मांग पर जोर
भाकियू (कृषक शक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन ठाकुर ने बैठक में बताया कि किसानों की लंबित मांगों को लेकर 23 सितंबर को कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। उन्होंने संगठन की प्रमुख मांगें गिनाते हुए कहा कि किसानों को 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट दिया जाए, भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को पूरी तरह से लागू किया जाए, सर्किल रेट में बदलाव हो और सभी किसानों के लिए समान मुआवजा नीति लागू की जाए। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग भी इस आंदोलन का हिस्सा होगी।
गांव-गांव जाकर जुटाएंगे समर्थन
अमन ठाकुर ने कहा कि किसान काफी समय से इन मांगों को लेकर आवाज उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। यही वजह है कि बैठक में मौजूद किसानों ने एकमत होकर 23 सितंबर के आंदोलन में शामिल होने का फैसला लिया।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन से पहले हर गांव में जाकर किसानों को कार्यक्रम की पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान कलेक्ट्रेट पहुंच सकें और अपनी मांगों को मजबूती से रख सकें।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
इस बैठक में हरी प्रताप सिंह छोकर, रघुराज सिंह, अशोक प्रधान, मुकेश कुमार गौड़, निरंजन गौड़, प्रमोद भाटी, विपिन सचदेवा, हरदेव मुकेश, कृष्ण गोस्वामी, राजू, विनोद, सुभाष, पवन भाटी, रमन शर्मा और सचिन समेत संगठन के कई पदाधिकारी और स्थानीय किसान मौजूद रहे।

