Latest newsTrendingनोएडा - ग्रेटर नोएडा

आज से काला फीता बांधकर काम करेंगी नर्सें, 22 अक्टूबर को डीजी कार्यालय का घेराव, राजकीय नर्सेस संघ का चरणबद्ध आंदोलन शुरू

लखनऊ/नोएडा।

मरीजों की सेवा में दिन-रात जुटी रहने वाली नर्सें अब अपनी आवाज उठाने के लिए सड़क की ओर बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश में अपनी लंबित मांगों और अधिकारों को लेकर राजकीय नर्सेस संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया है, जिसकी शुरुआत आज, 9 अक्टूबर से हो रही है।

तीन चरणों में चलेगा आंदोलन

संघ ने आंदोलन का पूरा कार्यक्रम पहले ही तय कर दिया है:

  • 9 से 20 अक्टूबर 2026: नर्सिंग कर्मचारी काला फीता बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे। इस दौरान काम भी जारी रहेगा और लंबित मांगों को लेकर आवाज भी उठाई जाएगी।
  • 21 अक्टूबर 2026: सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार प्रस्तावित है।
  • 22 अक्टूबर 2026: संघ के सदस्य महानिदेशालय स्थित डीजी कार्यालय का घेराव करेंगे।

दिलचस्प बात यह है कि आंदोलन की शुरुआत बेहद नरम तरीके से हो रही है — पहले सिर्फ काला फीता, फिर दो घंटे का बहिष्कार, और आखिर में घेराव। यानी संघ ने साफ संकेत दिया है कि वह अपनी बात धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से अधिकारियों तक पहुंचाना चाहता है।

“अनुशासन और एकजुटता के साथ हों शामिल”

राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने सभी सदस्यों से अपील की है कि वे आंदोलन में अनुशासन और एकजुटता के साथ भाग लें। उनका कहना है कि कर्मचारियों की मांगों और अधिकारों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए हर साथी की भागीदारी जरूरी है। संघ ने आंदोलन को शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से चलाने की बात भी कही है।

नोएडा के नर्सिंग कर्मचारियों की भी नजर

प्रदेशव्यापी आंदोलन की चर्चा नोएडा समेत अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात नर्सिंग कर्मचारियों के बीच भी है। हालांकि, नोएडा में आंदोलन में कितनी भागीदारी होगी और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका क्या असर पड़ सकता है, इस बारे में अलग से कोई जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इन पहलुओं पर स्थिति साफ होने के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।


निष्कर्ष
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आंदोलन के इन तीनों चरणों के दौरान संबंधित विभाग नर्सिंग कर्मचारियों की लंबित मांगों पर क्या कदम उठाता है।