दादरी की सियासत में नया मोड़: राशिद मेवाती ने छोड़ा RLD, साथियों समेत थामा कांग्रेस का हाथ
दादरी, गौतमबुद्ध नगर।
दादरी क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय लोक दल (RLD) से जुड़े रहे राशिद मेवाती ने अपनी पूरी टीम के साथ पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
साथियों की पूरी टोली भी साथ
सिर्फ राशिद मेवाती ही नहीं, उनके साथ सकील सैफी, आलम अब्बास, शारुख अब्बासी, दिलशाद सैफी, रिजवान, आफताब, फरदीन और राजू समेत कई अन्य लोगों ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पार्टी नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए इसे संगठन के विस्तार से जुड़ा घटनाक्रम बताया। हालांकि, RLD छोड़कर कांग्रेस में आए लोगों की सटीक संख्या साझा नहीं की गई है।
वसील अहमद के कार्यालय पर हुआ आयोजन
यह सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम वसील अहमद के कार्यालय पर आयोजित किया गया। वसील अहमद कांग्रेस राजीव गांधी संगठन, उत्तर प्रदेश के प्रदेश सचिव हैं और दादरी चेयरमैन पद के भावी प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। उन्होंने खुद नए सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाई और उनका स्वागत किया। इस मौके पर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी नए साथियों के जुड़ने पर खुशी जताई।
‘मोहब्बत की दुकान’ का जिक्र
दिलचस्प बात यह रही कि कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ संदेश का खास तौर पर जिक्र किया गया। कांग्रेस नेताओं ने पार्टी की विचारधारा, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और समाज में आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कौन-कौन रहा मौजूद?
कार्यक्रम में निजामुद्दीन एडवोकेट, दुर्वेश गौतम, मुकेश गौतम, इमरान सैफी और सचिन गुर्जर समेत कांग्रेस के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने संगठन को मजबूत बनाने, नए लोगों को पार्टी से जोड़ने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही।
निष्कर्ष
दादरी में हुए इस घटनाक्रम को कांग्रेस के स्थानीय संगठन के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इसका स्थानीय राजनीति पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।
