मुंबई के आजाद मैदान में CJP का ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन, 50 से 150 लोग ही पहुंचे, शाम 5 बजे खत्म हुआ आयोजन
मुंबई।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुक्रवार को मुंबई के आजाद मैदान में ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से एक दिवसीय प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की इस मुहिम को यहां उतना जनसमर्थन नहीं मिला, जितनी उम्मीद थी। पूरे दिन मैदान में 50 से 150 लोगों की ही मौजूदगी देखी गई।
किसके समर्थन में था प्रदर्शन?
यह प्रदर्शन हाल ही में गिरफ्तार किए गए पार्टी के सह-संयोजकों और संस्थापकों आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में आयोजित किया गया था। इन दोनों की गिरफ्तारी दिल्ली में जंतर-मंतर परिसर से जुड़े घटनाक्रम के बाद हुई थी, और रिपोर्ट्स के मुताबिक अदालत ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
सुबह 10 बजे के बाद समर्थक आजाद मैदान पहुंचने लगे। कार्यक्रम स्थल के गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
तिरंगा, भगत सिंह की तस्वीरें और किताबें
दिलचस्प बात यह रही कि प्रदर्शनकारी हाथों में राष्ट्रीय ध्वज, भगत सिंह की तस्वीरें और प्रशासन की आलोचना करने वाले राजनीतिक पोस्टर लिए नजर आए। मैदान में जगह-जगह चादरें बिछाकर किताबें और साहित्य भी रखा गया था, ताकि आने-जाने वाले लोग और समर्थक उन्हें देख सकें।
गेटवे ऑफ इंडिया पर नहीं मिली अनुमति
सीजेपी की रूपाली कुडतरकर ने कहा कि पार्टी का प्लान गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन करने का था, लेकिन पुलिस ने जोर दिया कि प्रदर्शन आजाद मैदान में ही हो। उन्होंने बताया कि शाम को गेटवे ऑफ इंडिया पर जाकर एक फोटो खिंचवाने की अनुमति जरूर मिल गई।
पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि वे रोज प्रदर्शन करते रहेंगे, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते।
दिनभर कैसा रहा माहौल?
सुबह के समय मैदान में लोगों के छोटे-छोटे समूह दिखे। भाषणों के दौरान भीड़ थोड़ी बढ़ी, लेकिन दोपहर होते-होते फिर कम हो गई। वक्ताओं ने गिरफ्तारियों को लेकर प्रशासन की आलोचना की और एसआईआर प्रक्रिया के बारे में लोगों को और जागरूक करने की अपील की। प्रदर्शन शाम 5 बजे समाप्त हो गया।
निष्कर्ष
मुंबई में सीजेपी का यह प्रदर्शन भले ही भीड़ के लिहाज से छोटा रहा, लेकिन पार्टी ने साफ कर दिया है कि उसका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। अब देखना होगा कि आगे की रणनीति में पार्टी क्या कदम उठाती है।
