Latest newsTrendingदिल्ली-एनसीआरनोएडा - ग्रेटर नोएडा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पक्षियों से टकराव का खतरा रोकने की तैयारी, डीएम की अध्यक्षता में हुई एईएमसी की बैठक

ग्रेटर नोएडा।

विमान उड़ान भरें या उतरें, उस दौरान सबसे बड़ा खतरा कई बार आसमान में उड़ते पक्षी भी बन सकते हैं। इसी खतरे को पहले से रोकने के लिए गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर की डीएम की अध्यक्षता में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयरफील्ड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट कमेटी (एईएमसी) की बैठक हुई। बैठक वर्चुअल मोड में आयोजित की गई।

किस बात पर हुई चर्चा?

बैठक में एयरपोर्ट क्षेत्र और उसके आसपास पक्षियों और अन्य जीवों की गतिविधियों से जुड़े संभावित जोखिमों और उनकी रोकथाम के उपायों की समीक्षा की गई। खास तौर पर इस पर चर्चा हुई कि पक्षियों और पशुओं के विमानों से टकराने की संभावना को कैसे कम किया जाए और एयरपोर्ट क्षेत्र में सुरक्षित और अनुकूल माहौल कैसे बनाए रखा जाए।

समिति ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जरूरी कार्रवाई समयबद्ध तरीके से और आपसी तालमेल के साथ पूरी की जाए।

जलभराव क्यों है असली चिंता?

दिलचस्प बात यह है कि पक्षियों के खतरे का सीधा संबंध पानी से भी है। जहां जलभराव होता है, वहां पक्षी और अन्य जीव इकट्ठा होते हैं। इसी वजह से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) और सिंचाई विभाग को लंबित जल निकासी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, साथ ही जलभराव रोकने के प्रभावी उपाय करने को कहा गया। इसका मकसद एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों और अन्य जीवों के जमावड़े की संभावना को कम करना है।

एयरपोर्ट अधिकारियों ने दिया प्रस्तुतीकरण

बैठक का संचालन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) ने किया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के जरिए समिति को उन अलग-अलग कारकों के बारे में बताया, जो क्षेत्र में पक्षियों और अन्य जीवों की गतिविधियों को प्रभावित करते हैं। समिति ने इन सभी बिंदुओं पर संबंधित विभागों को जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वच्छता, जल निकासी और पशु प्रबंधन पर जोर

एयरपोर्ट के आसपास स्वच्छता, जल निकासी और पशु प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में यीडा, जिला सिंचाई विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर पंचायत समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


निष्कर्ष
पक्षियों और जानवरों से जुड़े खतरे पर समय रहते इतनी गंभीरता से काम शुरू होना यात्रियों की सुरक्षा के नजरिए से एक अहम कदम माना जा सकता है।