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नोएडा में अब कचरे से बनेगी गैस और खाद! सेक्टर-145 में लगेगा बड़ा CBG प्लांट.

नोएडा। शहर में रोज निकलने वाले कचरे की समस्या से अब बड़ी राहत मिलने वाली है। नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-145 में 600 मेट्रिक टन क्षमता का कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट (CBG) लगाने जा रहा है। इस प्लांट के जरिए हर दिन शहर से निकलने वाले कचरे का निस्तारण किया जाएगा, और उससे जैविक खाद व गैस तैयार होगी। सबसे खास बात यह है कि इससे प्राधिकरण को करीब 30 प्रतिशत तक कार्बन क्रेडिट भी मिलेगा।


प्राधिकरण फिलहाल इस प्रोजेक्ट का मसौदा तैयार कर रहा है। योजना के मुताबिक, जल्द ही तय शर्तों को पूरा करने वाली किसी पीएसयू (सरकारी) कंपनी के साथ MoU साइन किया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण कंपनी को 12 एकड़ जमीन मुहैया कराएगा। प्लांट लगाने से लेकर कूड़े के निस्तारण तक की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की ही होगी।

इस प्रोजेक्ट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि प्राधिकरण को इसके लिए अपनी जेब से कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। कूड़े को प्राइमरी सेंटर से सेक्टर-145 स्थित प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जरूर प्राधिकरण उठाएगा, जिसके लिए डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी की मदद ली जाएगी — इस कंपनी की करीब 250 गाड़ियां पहले से ही नोएडा में चल रही हैं। लेकिन प्लांट लगाने और उसे चलाने का पूरा खर्च संबंधित कंपनी ही उठाएगी।

रोज बनेगी 16 हजार किलो गैस और 100 टन खाद

प्लांट शुरू होने के बाद यहां रोजाना करीब 16,000 किलो कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) के साथ-साथ 100 टन जैविक खाद भी तैयार होगी। CBG असल में CNG का ही एक एडवांस रूप है, जिसे गैस से चलने वाले वाहनों में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है — यानी कचरे से बनी यह गैस सीधे गाड़ियों में काम आएगी।

इस प्लांट से सिर्फ गैस और खाद ही नहीं बनेगी, बल्कि सॉलिड वेस्ट से टेरिफाइड चारकोल और ग्रीन कोल भी तैयार किया जाएगा, जिसे ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। खास बात यह है कि यह पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त होता है। वहीं CBG का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट सेक्टर और जनरेटर सेट (जनसेट) में भी किया जा सकेगा, जिससे शहर में प्रदूषण नियंत्रण को काफी मदद मिलेगी।

न बदबू की समस्या, न आग लगने का डर

आमतौर पर कूड़े के प्लांट के आसपास बदबू और कूड़े के ढेर में आग लगने जैसी समस्याएं आम रहती हैं। लेकिन इस प्लांट के बारे में प्राधिकरण का दावा है कि यहां न तो आसपास बदबू फैलेगी और न ही कूड़े में आग लगने का कोई खतरा रहेगा।

नोएडा से रोज निकलने वाला कचरा — एक नजर में

कचरे का प्रकारमात्रा
गीला कचरा900 मीट्रिक टन
सूखा कचरा600 मीट्रिक टन
सी एंड डी वेस्ट (निर्माण-तोड़फोड़ का कचरा)400 मीट्रिक टन