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3 मासूम, 20 CCTV, ढाई घंटे की तलाश… आखिर कहां गायब हुए सेक्टर-128 के बच्चे?

नोएडा। निर्माणाधीन साइट पर मजदूरी करने वाले परिवारों के लिए बृहस्पतिवार की रात किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। सेक्टर-128 इलाके में एक निर्माणाधीन साइट पर रहने वाले श्रमिक परिवार के तीन नन्हे बच्चे शाम करीब 8 बजे खेलते-खेलते अचानक गायब हो गए। इनमें दो बच्चे महज 5 साल के थे और एक बच्चा करीब 10 साल का।

जब हर तरफ ढूंढने पर भी नहीं मिला कोई सुराग

बच्चों के अचानक गायब होने की खबर मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आसपास खुद ही घंटों तक तलाश की — गली-गली, कोने-कोने। लेकिन जब कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली, तो घबराए परिजनों ने रात साढ़े आठ बजे थाना सेक्टर-126 पुलिस को इसकी सूचना दी। यह वही थाना क्षेत्र है जिसके अंतर्गत सेक्टर-128 आता है।

पुलिस ने गंभीरता से लिया मामला, तुरंत जुट गई तलाश में

सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-126 पुलिस ने बिना कोई देरी किए मामले को गंभीरता से लिया। तीन छोटे बच्चों के लापता होने की बात सुनते ही पुलिस टीम तुरंत हरकत में आ गई। आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और साथ ही स्थानीय लोगों से भी लगातार पूछताछ की गई।

पुलिस ने इस दौरान अपनी तकनीकी क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया — आसपास के 20 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, ताकि बच्चों की आखिरी लोकेशन का कोई सुराग मिल सके।

तीन घंटे के अंदर मिली कामयाबी

पुलिस की यह मेहनत बेकार नहीं गई। सीसीटीवी फुटेज और लगातार तलाश के दम पर पुलिस टीम रात करीब 11 बजे — यानी सूचना मिलने के करीब ढाई घंटे के भीतर — तीनों बच्चों को सेक्टर-132, नोएडा से सकुशल बरामद करने में कामयाब रही।

बच्चों को सुरक्षित बरामद करने के बाद पुलिस ने उनकी काउंसलिंग भी कराई, ताकि वे इस घटना के सदमे से जल्द उबर सकें। इसके बाद बच्चों को सही-सलामत उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

परिवार के चेहरे पर लौटी खुशी

घंटों की बेचैनी और डर के बाद जब बच्चे सही-सलामत घर लौटे, तो परिजनों की आंखों में जो राहत और खुशी के आंसू थे, उसे बयां करना मुश्किल है। एक पल पहले तक जो परिवार गहरी चिंता में डूबा था, बच्चों को गले लगाते ही उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। और सिस्टम में पारदर्शिता लाना। जब मानदेय, ईपीएफ, ईएसआई और दूसरी सुविधाओं का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रखा जाएगा, तो न सिर्फ कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिलेगा, बल्कि भर्ती और भुगतान की पूरी प्रक्रिया भी साफ-सुथरी और जवाबदेह बनेगी।