Latest newsTrending

सेवा भारती मेरठ की बड़ी पहल: नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजे 5000 सेनेटरी नेपकिन

सेवा भारती मेरठ की बड़ी पहल: नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजे 5000 सेनेटरी नेपकिन

मेरठ। मानवता और आपसी सहयोग की एक खूबसूरत मिसाल पेश करते हुए सेवा भारती मेरठ प्रान्त ने शनिवार, 5 सितंबर को नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की जरूरतों को देखते हुए 5000 सेनेटरी नेपकिन नेपाल के लिए रवाना किए।

इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा भारती के अखिल भारतीय छात्रावास प्रमुख श्री जयदेव जी तथा सुंदरदीप ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रसन्नजीत कुमार जी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया। यह सहयोग सामग्री राष्ट्रीय सेवा भारती दिल्ली के माध्यम से नेपाल भेजी जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने इस पहल को मानवता की सच्ची सेवा बताते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय इस तरह की मदद न सिर्फ पीड़ितों को राहत पहुंचाती है, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी भाईचारे और सद्भावना को भी मजबूत करती है।

गौरतलब है कि नेपाल में हाल के दिनों में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चियों को स्वच्छता से जुड़ी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे संकट के समय में सेवा भारती जैसे संगठनों की यह पहल न केवल तात्कालिक राहत देती है, बल्कि लंबे समय तक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होती है।

कार्यक्रम में रहे ये गणमान्य लोग मौजूद

इस अवसर पर कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • डॉ. रश्मि गुप्ता जी, उपाध्यक्ष, सेवा भारती मेरठ प्रान्त
  • श्री जितेन्द्र जी, प्रान्त संगठन मंत्री
  • श्री अखिल अग्रवाल जी, प्रान्त मंत्री
  • श्री जतिन जी, विभाग संगठन मंत्री, नोएडा
  • श्री तनुल जी, सेवा इंटरनेशनल, दिल्ली
  • सुंदरदीप ग्लोबल यूनिवर्सिटी के सभी वरिष्ठ अधिकारी

जमीनी स्तर पर सेवा से जुड़ा प्रोजेक्ट

प्रान्त मंत्री श्री अखिल अग्रवाल ने बताया कि यह सेनेटरी नेपकिन निर्माण प्रोजेक्ट FIEM FOUNDATION के सहयोग से सेवा भारती मेरठ प्रान्त द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत सम्पूर्ण मेरठ प्रान्त की पिछड़ी बस्तियों की महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन का निःशुल्क वितरण किया जाता है।

इसके साथ ही महिलाओं को एक महिला डॉक्टर द्वारा सफाई व्यवस्था और मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में जरूरी जानकारी भी दी जाती है, ताकि वे संक्रमण और अन्य बीमारियों से बच सकें। यह सेवा भारती का पहला ऐसा प्रयास नहीं है — इससे पूर्व 5000 सेनेटरी नेपकिन असम के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में भी भेजे जा चुके हैं।

पर्दे के पीछे की मेहनत

इस पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था प्रोजेक्ट सुपरवाइजर सुशील त्यागी द्वारा की गई, जिनकी मेहनत से हरी झंडी कार्यक्रम और सहयोग सामग्री की रवानगी सुचारू रूप से संपन्न हो सकी।

यह पहल सेवा भारती की महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो न सिर्फ भारत में बल्कि संकट की घड़ी में पड़ोसी देशों तक भी अपनी पहुंच बना रही है। राहत सामग्री के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता जोड़कर संगठन एक बार की मदद से आगे बढ़कर स्थायी बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है।

संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि समाज में मासिक धर्म को लेकर फैली चुप्पी और झिझक को भी कम करते हैं। ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में आज भी कई महिलाएं स्वच्छता संबंधी सही जानकारी और साधनों के अभाव में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करती हैं। सेवा भारती जैसे संगठनों की यह निरंतर कोशिश धीरे-धीरे इस स्थिति को बदलने की दिशा में एक ठोस प्रयास मानी जा रही है।

आने वाले समय में सेवा भारती मेरठ प्रान्त द्वारा इसी तरह की मदद अन्य प्रभावित क्षेत्रों तक भी पहुंचाई जा सकती है। संगठन का लक्ष्य है कि जरूरतमंद महिलाओं तक स्वच्छता सामग्री और सही जानकारी दोनों समय पर पहुंचे, ताकि वे स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन जी सकें।