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अब रजिस्ट्री के लिए कम लगेगी लाइन, गौतमबुद्धनगर में खुलेंगे दो नए उप निबंधन कार्यालय

ग्रेटर नोएडा।

संपत्ति की रजिस्ट्री कराने में होने वाली परेशानी अब कम होने वाली है। गौतमबुद्ध नगर में दो नए उप निबंधन कार्यालय स्थापित किए जाएंगे — एक दादरी में और दूसरा ग्रेटर नोएडा में। खास बात यह है कि दादरी वाला कार्यालय पहले से स्वीकृत है और अगले सप्ताह से इसका संचालन शुरू हो जाएगा।

दिन में 250, त्योहारों में 400 रजिस्ट्री!

सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यही है कि गौतमबुद्ध नगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालयों पर काम का बोझ इतना ज्यादा है कि दादरी में रोजाना औसतन 200 से 250 रजिस्ट्री होती हैं। लेकिन नवरात्र जैसे खास मौकों पर यह आंकड़ा 400 तक पहुंच जाता है — यानी एक ही दिन में सैकड़ों लोग संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पहुंचते हैं।

वजह भी समझना आसान है — दादरी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की रजिस्ट्री भी होती है, जिसके चलते यहां भीड़ का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। रजिस्ट्री कराने वालों की यह बड़ी संख्या ही वक्त लगने और लोगों को होने वाली असुविधा की सबसे बड़ी वजह है।

दादरी में जल्द मिलेगा दूसरा विकल्प

काम के इसी दबाव को संतुलित करने के लिए दादरी में पहले ही एक और सब रजिस्ट्रार कार्यालय बनाया जा चुका था, लेकिन अब तक इसका कामकाज शुरू नहीं हो पाया था। राहत की बात यह है कि अगले सप्ताह से यह कार्यालय चालू हो जाएगा — यानी अब दादरी में रजिस्ट्री के लिए दो कार्यालय हो जाएंगे, और लोग अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी एक में रजिस्ट्री करा सकेंगे।

इसके अलावा शासन से दादरी और ग्रेटर नोएडा में एक-एक और सब रजिस्ट्रार की नियुक्ति का प्रस्ताव भी मांगा गया है।

इसी वित्त वर्ष में बड़ा बदलाव तय

एआईजी द्वितीय ब्रिजेश सिंह के मुताबिक, इसी वित्त वर्ष में दादरी और ग्रेटर नोएडा को एक-एक और सब रजिस्ट्रार मिलने की पूरी उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो दादरी में कुल तीन और ग्रेटर नोएडा में दो सब रजिस्ट्रार हो जाएंगे।

दिलचस्प तुलना यह है कि नोएडा में पहले से ही तीन सब रजिस्ट्रार काम कर रहे हैं, जबकि जेवर में फिलहाल एक सब रजिस्ट्रार तैनात है। आने वाले समय में सब रजिस्ट्रारों के कार्यक्षेत्र का भी नए सिरे से पुनर्निर्धारण किया जाएगा, ताकि हर इलाके में बोझ बराबर बंटे और लोगों को रजिस्ट्री कराने में ज्यादा आसानी हो।


निष्कर्ष
संपत्ति की बढ़ती खरीद-फरोख्त और लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए गौतमबुद्धनगर में उप निबंधन तंत्र को मजबूत करने की यह कवायद उन हजारों लोगों के लिए राहत लेकर आएगी, जो अभी तक रजिस्ट्री के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर थे।