स्काईवाक ने बदली एक्वा लाइन की तस्वीर, रोज़ाना 15-20 हजार यात्री बढ़े
नोएडा।
सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच बना स्काईवाक अब एक्वा लाइन की तकदीर बदलता दिख रहा है। रक्षाबंधन पर जनता को समर्पित किए गए इस स्काईवाक ने कुछ ही हफ्तों में यात्रियों की संख्या में जबरदस्त उछाल ला दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि पहले जहां एक्वा लाइन पर औसतन 60 से 70 हजार यात्री रोज़ सफर करते थे, वहीं अब यह आंकड़ा 80 से 85 हजार तक पहुंच गया है। और तो और, कुछ दिनों में तो यह संख्या 93 हजार तक भी जा पहुंची — यानी सिर्फ एक फुट-ओवर-ब्रिज जैसी संरचना ने रोज़ाना 15 से 20 हजार अतिरिक्त यात्री जोड़ दिए।
सड़क पार करने का झंझट खत्म
वजह समझना मुश्किल नहीं है। पहले सेक्टर-51 और सेक्टर-52 स्टेशन के बीच आने-जाने के लिए यात्रियों को सड़क पार करनी पड़ती थी — भीड़, ट्रैफिक और समय की बर्बादी अलग से। स्काईवाक ने इस पूरी परेशानी को खत्म कर दोनों स्टेशनों के बीच सीधी और सुरक्षित पैदल कनेक्टिविटी दे दी है।
इसका सबसे ज्यादा फायदा उन यात्रियों को मिल रहा है जो दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से आकर एक्वा लाइन पकड़ते हैं। पहले स्टेशन बदलने की असुविधा के चलते कई यात्री दूसरे साधनों का सहारा ले लेते थे, लेकिन अब पैदल ही यह दूरी आसानी से तय हो जाती है — नतीजा, ज्यादा लोग मेट्रो को ही तरजीह दे रहे हैं।
पीक आवर में भी दिखा असर
एनएमआरसी के एमडी कृष्णा करुणेश के मुताबिक, पीक आवर के दौरान यात्री संख्या में हुई यह बढ़ोतरी एक्वा लाइन के लिए खासा महत्वपूर्ण संकेत है। उनका कहना है कि सेक्टर-51 और सेक्टर-52 के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का फायदा आने वाले दिनों में और भी बढ़कर देखने को मिल सकता है।
उन्होंने बताया कि पहले औसतन 60-65 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते थे, जो अब बढ़कर 80-85 हजार तक पहुंच चुके हैं।

