महर्षि आश्रम जमीन घोटाला: ईडी ने दबोचे नोएडा प्राधिकरण के तीन कर्मचारी, आधी रात तक चली पूछताछ
नोएडा में लंबे समय से चर्चा में रहे महर्षि आश्रम की जमीन खरीद-फरोख्त मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। सोमवार शाम ईडी की टीम ने नोएडा प्राधिकरण के तीन कर्मचारियों को हिरासत में लेकर आधी रात तक कड़ी पूछताछ की। इस कार्रवाई ने प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की भू-माफिया के साथ गहरी सांठगांठ का पर्दाफाश कर दिया है।
तीन हजार बीघा जमीन की अवैध बिक्री
जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच भू-माफियाओं और कॉलोनाइजरों ने अरबों रुपये मूल्य की करीब तीन हजार बीघा जमीन अवैध रूप से बेच डाली। इस जमीन पर बेधड़क फ्लैट, विला और अवैध कॉलोनियां बनती रहीं, लेकिन इसे रोकने वाला कोई नहीं था।
शिकायतों का अंबार, फिर भी आंखें मूंदे रहे अधिकारी
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायतकर्ताओं ने प्राधिकरण में बार-बार शिकायतें दर्ज कराईं, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर अनदेखी करते रहे। सूत्रों के मुताबिक इस लापरवाही के बदले अधिकारियों को मोटा कमीशन और हिस्सेदारी मिलती रही, जिसके दम पर उन्होंने नामी और बेनामी दोनों तरह की संपत्तियां खड़ी कर लीं।
छह महीने से नजर, आयकर विभाग का भी साथ
इस पूरे वित्तीय हेरफेर और कैश फ्लो की तह तक पहुंचने के लिए ईडी आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग का भी सहयोग ले रही है। यह विंग बीते छह महीनों से इस पूरे नेटवर्क पर बारीकी से नजर रखे हुए थी, तभी जाकर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
निचले स्तर पर कार्रवाई से ऊपर तक मचा हड़कंप
जैसे ही निचले स्तर के कर्मचारियों पर शिकंजा कसा, शीर्ष अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालात ऐसे बने कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने एहतियातन अपने अधीनस्थ को तुरंत दफ्तर से बाहर निकलने का फरमान सुना दिया। इसके बाद वह अधिकारी अपने दो कर्मचारियों के साथ देर रात तक प्राइवेट गाड़ी में शहर की सड़कों पर इधर-उधर भटकता नजर आया, जो इस बात का संकेत है कि जांच की आंच अब ऊपर तक पहुंचने का डर सता रहा है।
यह मामला एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण के भीतर भ्रष्टाचार और भू-माफिया गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े करता है, और आने वाले दिनों में ईडी की जांच कई और बड़े नामों को बेनकाब कर सकती है।

