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‘नया नोएडा’ में जमीन अधिग्रहण की तैयारी तेज़, बनेंगे वर्क सर्किल, पहले गांव से बनेगा सेक्टर-1

नोएडा।

दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआइआर) के तहत बसने वाले ‘नया नोएडा’ की जमीनी हकीकत अब तेजी से आकार लेने लगी है। यहां जमीन अधिग्रहण के लिए प्राधिकरण की तर्ज पर वर्क सर्किल बनाए जाएंगे, और पहले चरण में ऐसे दो सर्किल स्थापित किए जाएंगे जिनके जरिए पूरा विकास कार्य संचालित होगा।

दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा प्रोजेक्ट 209.11 वर्ग किलोमीटर यानी करीब 20,911 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैला है — और इसकी जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया अब सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी शुरू हो चुकी है। इसके लिए पांच लेखपाल और किसानों से बातचीत व फाइलिंग के लिए तीन तहसीलदार तैनात किए गए हैं।

पहले चरण में 37 गांव, दो जिलों से

पहले चरण के लिए 37 गांवों की सूची तैयार हो चुकी है — इनमें बुलंदशहर के 24 और गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव शामिल हैं। खास बात यह है कि जमीन जबरन नहीं, बल्कि किसानों की आपसी सहमति के आधार पर ली जाएगी।

प्राधिकरण इन गांवों में कैंप लगाएगा, जहां किसानों को जमीन खरीद से जुड़ी हर जानकारी दी जाएगी और उनके कागजात व मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज़ भी जुटाए जाएंगे। दिलचस्प यह भी है कि कई किसान अब इंतजार नहीं कर रहे — वे खुद प्राधिकरण दफ्तर पहुंचकर मुआवजे और आबादी भूखंड की जानकारी ले रहे हैं।

जो गांव पहले, वही सेक्टर-1

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने एक दिलचस्प फॉर्मूला भी साझा किया — जिस गांव की जमीन सबसे पहले अधिग्रहित होगी, उसे सेक्टर-1 का नाम मिलेगा। इसके बाद क्रमशः सेक्टर-2, सेक्टर-3 और आगे इसी तरह विकास होता जाएगा। वर्क सर्किलों का बंटवारा भी इसी क्रम के आधार पर होगा।

उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अधिसूचना के बाद हुआ कोई भी निर्माण अवैध माना जाएगा। प्राधिकरण की मंशा साफ है — किसानों को सिर्फ जमीन देने वाला पक्ष नहीं, बल्कि इस पूरे विकास में भागीदार बनाना।

मुआवजा और आबादी भूखंड का गणित

पहले और दूसरे चरण में जमीन के लिए मुआवजा दर और 6% आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मानकों के अनुसार मिलेगा। वहीं तीसरे और चौथे चरण में मुआवजा दर के साथ 7% आबादी भूखंड का फायदा यमुना प्राधिकरण के मानकों पर आधारित होगा। शासन से मंजूरी मिलते ही यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

सुविधा के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नजदीक एक अस्थायी कार्यालय भी खोला जाएगा, ताकि जमीन अधिग्रहण और किसानों से जुड़े काम आसानी से निपटाए जा सकें।

चार चरणों में बसेगा पूरा शहर

‘नया नोएडा’ का मास्टर प्लान चार चरणों में बंटा है:

चरणविकास क्षेत्रअवधि
पहला3,165 हेक्टेयर2023 से 2027
दूसरा3,798 हेक्टेयर—
तीसरा5,908 हेक्टेयर—
चौथा8,230 हेक्टेयर—