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दुष्यंत कुमार गौतम ने ली सिक्किम के राज्यपाल की शपथ, नियुक्ति के विरोध के बीच संभाला कार्यभार

गंगटोक।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने सोमवार को गंगटोक के लोक भवन में सिक्किम के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। वे राज्य के 22वें राज्यपाल बने हैं। मुहम्मद मुस्ताक ने उन्हें पद की शपथ दिलाई।

समारोह में कौन-कौन रहा मौजूद?

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, कैबिनेट मंत्री, सिक्किम से लोकसभा सांसद और मंत्रिपरिषद के सदस्य मौजूद रहे। गौतम रविवार को गंगटोक के बुरतुक हेलीपैड पहुंचे थे, जहां राज्य सरकार की ओर से उनका स्वागत किया गया।

बदलाव की कड़ी भी दिलचस्प है: सिक्किम के पूर्व राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। रविवार को लोक भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें औपचारिक विदाई दी, और मुख्यमंत्री तमांग ने सोशल मीडिया के जरिए उनके कार्यकाल के लिए आभार जताया।

नियुक्ति पर विरोध भी हुआ

गौतम की नियुक्ति को लेकर विवाद भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रहे विरोध के बीच उनकी नियुक्ति का विरोध हुआ। सिक्किम में प्रदर्शन हुए, और प्रदर्शनकारियों तथा विपक्ष की ओर से फैसले पर पुनर्विचार की मांग उठाई गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन आरोपों और विरोध के बावजूद केंद्र अपने फैसले पर कायम रहा।

यह ध्यान देने वाली बात है कि प्रदर्शनकारियों और विपक्ष की मांगों का जिक्र अपने आप में किसी आरोप को साबित नहीं करता। इस मामले की जांच से जुड़े तथ्य अलग से अदालत और जांच एजेंसी के दायरे में हैं।


निष्कर्ष
सिक्किम को नया राज्यपाल मिल गया है, लेकिन शपथ के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में नए राज्यपाल के कामकाज और इस विरोध पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सबकी नजर रहेगी।