शुभकामना बिल्डटेक मामले में नोएडा प्राधिकरण को झटका, एनसीएलएटी ने खारिज की अपील
रियल एस्टेट कंपनी शुभकामना बिल्डटेक की दिवाला प्रक्रिया में एक बड़ा फैसला आया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने खुद को “सुरक्षित कर्जदाता” का दर्जा दिए जाने की मांग की थी।
दरअसल दोनों प्राधिकरण एनसीएलटी के 2022 के उस आदेश के खिलाफ अदालत गए थे, जिसमें कंपनी के लिए रिजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी गई थी।
क्या कहा एनसीएलएटी ने?
दो सदस्यीय पीठ ने साफ कहा कि इन्साल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में 2026 में हुए संशोधन के बाद सिर्फ कानून के आधार पर बना शुल्क “सुरक्षित हित” नहीं माना जा सकता। यानी दोनों प्राधिकरणों को जो पहले असुरक्षित परिचालन ऋणदाता माना गया था, वही दर्जा बरकरार रहेगा।
कितना था दावा?
- नोएडा प्राधिकरण ने 99.32 करोड़ रुपये का दावा किया था, जिसके एवज में समाधान योजना में सिर्फ 25 करोड़ रुपये रखे गए थे।
- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 60.64 करोड़ रुपये मांगे थे, जबकि योजना में केवल 18.5 करोड़ रुपये का प्रावधान था।
प्राधिकरणों ने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला भी दिया, लेकिन एनसीएलएटी ने यह भी बताया कि जमीन के पट्टे के दस्तावेजों में ऐसा कोई सामान्य और बिना शर्त शुल्क तय ही नहीं था, जो इस दावे को सही ठहराए।
घर खरीदारों के लिए राहत की खबर
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा घर खरीदारों को हुआ है। अगर प्राधिकरणों की अपील मंजूर हो जाती, तो दोनों के दावों और समाधान योजना के बीच का करीब 116 करोड़ रुपये का अंतर सीधे घर खरीदारों की जेब पर बोझ बन सकता था।
घर खरीदारों की तरफ से पेश वकील आदित्य पारोलिया ने बताया कि अब शुभकामना सिटी और शुभकामना टेकहोम्स प्रोजेक्ट के खरीदारों को कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि समाधान योजना को कर्जदाताओं की समिति ने पहले ही 87% से ज्यादा वोटों से पास कर दिया था। और जब एनसीएलएटी के आदेश पर वोटिंग हुई, तो 95.6% घर खरीदारों ने प्राधिकरणों को सुरक्षित लेनदार बनाए जाने के खिलाफ वोट डाला था।
